राजिम कुम्भ कल्प 2026ः कला और आस्था का भव्य उत्सव

छत्तीसगढ़ की पावन त्रिवेणी संगम भूमि पर आयोजित होने वाला राजिम कुंभ कल्प 2026 इस वर्ष धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजनों के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। कुंभ कल्प के दौरान जहां एक ओर संत समागम, प्रवचन और धार्मिक अनुष्ठान होंगे, वहीं दूसरी ओर देश के प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को भक्ति और संस्कृति से सराबोर करेंगी।

महानदी आरती के साथ होगा भव्य शुभारंभ

राजिम कुंभ कल्प 2026 का भव्य शुभारंभ 1 फरवरी को सायं 6.30 बजे पवित्र महानदी आरती के साथ किया जाएगा। महानदी के तट पर आयोजित यह आरती श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम दृश्य प्रस्तुत करेगी। दीपों की आलोकमय श्रृंखला, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होने वाली यह आरती कुंभ कल्प के आरंभ को विशेष गरिमा प्रदान करेगी।

लीला द स्पिरिचुअल रॉक बैंड की सुमधुर प्रस्तुति

कुंभ कल्प के उद्घाटन समारोह के पश्चात नवीन मेला स्थल में सायं 8 बजे मुंबई की प्रसिद्ध ‘लीला द स्पिरिचुअल रॉक बैंड’ अपनी सुमधुर और भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेगी। यह बैंड आधुनिक संगीत शैली और आध्यात्मिक भावनाओं के समन्वय के लिए जाना जाता है। भक्ति संगीत की यह प्रस्तुति युवाओं सहित सभी वर्गों के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होगी।

प्रतिदिन होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

राजिम कुंभ कल्प 2026 के दौरान श्रद्धालुओं के मनोरंजन और सांस्कृतिक अभिरुचि को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन सायं 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक राष्ट्रीय एवं आंचलिक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय लोकसंस्कृति, पारंपरिक नृत्य, संगीत और कला को सजीव रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपरा के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियां श्रद्धालुओं को एक व्यापक सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेंगी।


संत श्री गुरूशरण जी महाराज का दिव्य दरबार

राजिम कुंभ कल्प 2026 का एक प्रमुख आध्यात्मिक आकर्षण संत श्री गुरूशरण जी महाराज (पण्डोखर सरकार) का दिव्य दरबार रहेगा। यह दिव्य दरबार 9 से 11 फरवरी तक प्रतिदिन सायं 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक आयोजित किया जाएगा। संत श्री गुरूशरण जी महाराज के सान्निध्य में श्रद्धालु आध्यात्मिक मार्गदर्शन, आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करेंगे। उनका दिव्य दरबार कुंभ कल्प के आध्यात्मिक स्वरूप को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

विराट संत समागम और स्वाति मिश्रा की प्रस्तुति

10 फरवरी को राजिम कुंभ कल्प के अंतर्गत विराट संत समागम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर देशभर से पधारे संत-महात्मा एक मंच पर उपस्थित होकर धर्म, संस्कृति और समाज से जुड़े विषयों पर विचार साझा करेंगे। इसी संध्या रात 8 बजे “राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी” गीत से प्रसिद्ध भजन गायिका सुश्री स्वाति मिश्रा अपनी सुमधुर भक्ति प्रस्तुति देंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।

महाशिवरात्रि पर भव्य समापन समारोह

राजिम कुंभ कल्प 2026 का समापन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य रूप से किया जाएगा। समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित राज्य सरकार के समस्त कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर रात 8 बजे रामायण में प्रभु श्रीराम की भूमिका निभा चुके श्री अरूण गोविल की गरिमामय उपस्थिति आयोजन को विशेष बना देगी। उनकी सहभागिता श्रद्धालुओं के लिए भावनात्मक और सांस्कृतिक रूप से अविस्मरणीय अनुभव होगी।

सनातन संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव

कुल मिलाकर, राजिम कुंभ कल्प 2026 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का विराट उत्सव होगा। संत समागम, भक्ति संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दिव्य आयोजनों के माध्यम से यह कुंभ कल्प श्रद्धालुओं के मन, विचार और जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।