मुंबई की “लीला द स्पिरिचुअल रॉक बैंड” ने दी सुमधुर भजनों की प्रस्तुति

कुम्भ में प्रतिदिन राष्ट्रीय एवं आंचलिक कलाकार दे रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां

छत्तीसगढ़ की पावन त्रिवेणी संगम भूमि पर स्थित राजिम में राजिम कुंभ कल्प 2026 का भव्य शुभारंभ हो चुका है। महानदी, पैरी और सोंढुर नदियों के संगम पर आयोजित यह महापर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक ऊर्जा का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है। राजिम कुंभ कल्प 2026 में देशभर से संत, श्रद्धालु, कलाकार और धर्मप्रेमी सहभागिता कर रहे हैं, जिससे यह आयोजन एक व्यापक सांस्कृतिक महाकुंभ का स्वरूप ले चुका है।


राजिम कुंभ कल्प 2026 का शुभारंभ 1 फरवरी को पवित्र महानदी आरती के साथ हुआ। आरती के दौरान संगम तट पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहां दीपों की पंक्तियां और मंत्रोच्चार ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। शुभारंभ समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, संतगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

राजिम कुंभ कल्प 2026 में आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को विशेष महत्व दिया गया है। आयोजन के माध्यम से राष्ट्रीय और आंचलिक कलाकारों को अपनी कला के प्रदर्शन का सशक्त मंच प्रदान किया जा रहा है। नए मेला स्थल पर उद्घाटन समारोह के उपरांत 1 फरवरी की संध्या मुंबई की प्रसिद्ध लीला द स्पिरिचुअल रॉक बैंड ने अपनी सुमधुर और भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। रॉक संगीत और आध्यात्मिक भजनों का यह अनूठा संगम दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कुंभ कल्प के दौरान प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात्रि 10 बजे तक राष्ट्रीय एवं आंचलिक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की निरंतर श्रृंखला संचालित की जा रही है। मुख्य मंच पर प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक कत्थक, पंथी, ओडिशी, भरतनाट्यम, रामलीला, हास्य प्रस्तुति, जसगीत जगराता, भरथरी, बांसुरी वादन सहित विविध शास्त्रीय एवं लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित हो रही हैं। ये कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।

राजिम कुंभ कल्प 2026 में स्थानीय कलाकारों को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। कुल 225 सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक पंडवानी, मानस गान, जगराता, पंथी, रामधुनी, जस झांकी, रामायण पाठ, सुगम गायन, सतनाम मंगल भजन, फाग मंडली, लोक कला मंच, राउत नाचा एवं सुवा नृत्य जैसी लोक विधाओं की प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा से परिचित करा रही हैं।

राजिम कुंभ कल्प 2026 का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से सनातन संस्कृति, लोक कला, परंपरागत मूल्यों और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना भी है। यह आयोजन श्रद्धालुओं के मन, विचार और जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का कार्य करेगा। साथ ही, यह छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेगा।

राजिम कुंभ कल्प 2026 आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का ऐसा अनुपम संगम है, जो आने वाले दिनों में देशभर के श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों के लिए प्रेरणा और अनुभूति का केंद्र बनेगा।