छत्तीसगढ़ की पावन त्रिवेणी संगम भूमि पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 में महाशिवरात्रि का पर्व विशेष आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाया जाएगा। माघ पूर्णिमा से प्रारंभ होकर महाशिवरात्रि तक चलने वाला यह महापर्व आस्था, साधना और सनातन परंपरा का सजीव प्रतीक माना जाता है। कुंभ कल्प का समापन भी महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होता है, जिससे इस तिथि का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
महाशिवरात्रि भगवान शिव की उपासना का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। यह रात्रि तप, साधना, आत्मचिंतन और शिव तत्व के स्मरण की रात्रि मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान शिव का विवाह माता पार्वती से संपन्न हुआ था। राजिम कुंभ कल्प में महाशिवरात्रि शिवभक्ति और आध्यात्मिक चेतना का चरम बिंदु होती है।
महानदी, पैरी और सोंढूर के त्रिवेणी संगम पर महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु पवित्र संगम में स्नान कर भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे। रुद्राभिषेक, शिवलिंग पूजन, रात्रिकालीन जागरण एवं भजन-कीर्तन से संपूर्ण मेला क्षेत्र शिवमय वातावरण से ओतप्रोत रहेगा।
महाशिवरात्रि 2026 के अवसर पर राजिम कुंभ कल्प में रामायण फेम अभिनेता अरुण गोविल का आगमन भी आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान करेगा। अरुण गोविल भारतीय टेलीविजन इतिहास के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में से एक हैं, जिन्हें दूरदर्शन के ऐतिहासिक धारावाहिक रामायण में भगवान श्रीराम की भूमिका के लिए देशभर में विशेष पहचान मिली। उनके अभिनय ने करोड़ों दर्शकों के मन में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की छवि को जीवंत किया है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 15 फरवरी को रात 8 बजे राजिम मेला स्थल पर वे अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
अरुण गोविल केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और सामाजिक चेतना के संवाहक के रूप में भी जाने जाते हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी उपस्थिति श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा और श्रद्धा का विषय रहती है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उनका राजिम आगमन कुंभ कल्प की आध्यात्मिक गरिमा को और सशक्त करेगा।
राजिम कुंभ कल्प के दौरान महाशिवरात्रि पर संत समागम भी विशेष रूप से आयोजित होगा। देशभर से आए साधु-संत, नागा साधु और अखाड़ों के संन्यासी शिव साधना, ध्यान और प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को शिव तत्व और सनातन दर्शन से परिचित कराएंगे।
राजिम कुंभ कल्प 2026 में महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और आत्मबोध का महापर्व है। रामायण फेम अरुण गोविल की उपस्थिति के साथ यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव और सांस्कृतिक चेतना का स्मरणीय अवसर सिद्ध होगा।