छत्तीसगढ़ की पावन त्रिवेणी संगम भूमि पर आयोजित राजिम कुम्भ कल्प केवल धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आस्था के साथ-साथ संस्कृति, परंपरा और मनोरंजन का भी भव्य संगम बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में राजिम कुम्भ कल्प मेला क्षेत्र में सजा विशाल मीना बाजार श्रद्धालुओं और मेलार्थियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। लगभग 10 एकड़ क्षेत्रफल में फैला यह मीना बाजार अपने आकार, विविध मनोरंजन साधनों और आधुनिक झूलों के कारण राजिम कुम्भ की अलग पहचान स्थापित कर रहा है।
देश-विदेश में भले ही कई बड़े और प्रसिद्ध मेले आयोजित होते हों, लेकिन राजिम कुम्भ कल्प के मीना बाजार की भव्यता और विविधता इसे विशिष्ट बनाती है। दूर-दराज के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं और पूरे परिवार के साथ मनोरंजन का आनंद ले रहे हैं। मेले में आए श्रद्धालुओं ने बताया कि इतना बड़ा और सुव्यवस्थित मीना बाजार कम ही देखने को मिलता है, जहां एक ही स्थान पर रोमांच, श्रद्धा और पारिवारिक मनोरंजन के इतने विकल्प उपलब्ध हों।

मीना बाजार में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से ही मेलार्थियों की भीड़ जुटना प्रारंभ हो जाती है, जो देर रात 11 बजे तक लगातार बनी रहती है। दिन ढलते ही रोशनी से जगमगाता यह क्षेत्र जीवंत हो उठता है। बच्चों की खिलखिलाहट, युवाओं का उत्साह और बुजुर्गों की उत्सुकता मीना बाजार की लोकप्रियता को स्वतः प्रमाणित कर रही है। यहां लगाए गए आधुनिक और सुरक्षित झूले हर आयु वर्ग के लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
मीना बाजार का सबसे बड़ा आकर्षण 28 चेयर वाला विशाल हवाई झूला है, जिसकी ऊंचाई लगभग 92 फीट बताई जा रही है। ऊंचाई से पूरे मेला क्षेत्र का दृश्य देखने के लिए लोग विशेष रूप से इस झूले का आनंद ले रहे हैं। इसके अलावा नाव झूला, ड्रैगन झूला, टोरा-टोरा, ब्रेक डांस, फ्रीजबी झूला और सुनामी झूला रोमांच के शौकीनों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं। लगभग 70 फीट ऊंचा रिवॉल्विंग टावर भी मीना बाजार की शान बढ़ा रहा है, जो ऊपर से नीचे घूमते हुए झूलने वालों को रोमांच से भर देता है।
मीना बाजार में इस वर्ष “स्वीन स्टार झूला” विशेष आकर्षण के रूप में लोगों का ध्यान खींच रहा है। बताया जा रहा है कि यह झूला पूरे भारत में केवल दो स्थानों पर उपलब्ध है, जिनमें से एक राजिम कुम्भ कल्प मेला है। इस झूले का आनंद बच्चे, महिलाएं और पुरुष समान रूप से ले रहे हैं, जिससे इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
मनोरंजन के साथ-साथ श्रद्धा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। इस बार मीना बाजार में वैष्णव देवी की भव्य और आकर्षक झांकी स्थापित की गई है। श्रद्धालु टिकट लेकर माता वैष्णो देवी के दर्शन कर रहे हैं और आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त जुरासिक पार्क, भूत बंगला, दो अलग-अलग मौत का कुआं और जलपरी शो भी लोगों के लिए खास आकर्षण बने हुए हैं। जुरासिक पार्क में बच्चों को प्रागैतिहासिक जीवों की झलक मिल रही है, वहीं भूत बंगला और मौत का कुआं रोमांच प्रेमियों को उत्साहित कर रहे हैं।
राजिम कुम्भ कल्प मेला का मीना बाजार इस वर्ष हर आयु वर्ग के लोगों का दिल जीतने में सफल हो रहा है। श्रद्धालु जहां दिन में पूजा, स्नान और दर्शन कर आध्यात्मिक शांति प्राप्त कर रहे हैं, वहीं शाम और रात्रि के समय मीना बाजार में परिवार और मित्रों के साथ मनोरंजन का आनंद उठा रहे हैं। इस तरह राजिम कुंभ कल्प का मीना बाजार आस्था और आनंद के संतुलित संगम के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।