राजिम। छत्तीसगढ़ की पावन त्रिवेणी संगम भूमि पर आयोजित होने वाला राजिम कुम्भ कल्प 2026 न केवल धार्मिक अनुष्ठानों और संत समागम के लिए जाना जाएगा, बल्कि इस बार यह आयोजन डिजिटल संवाद और विचार-विमर्श के एक नए आयाम की भी शुरुआत करने जा रहा है। इसी उद्देश्य के तहत राजिम कुम्भ कल्प 2026 में ‘आस्था का पॉडकास्ट’ की विशेष पहल की गई है, जो आस्था, संस्कृति और संवाद को एक आधुनिक मंच प्रदान करेगा।
आस्था, विचार और संवाद का संगम
‘आस्था का पॉडकास्ट’ पहल का मुख्य उद्देश्य सनातन परंपरा, धार्मिक विचारधारा और आध्यात्मिक चिंतन को डिजिटल माध्यम के जरिए व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाना है। इस मंच के माध्यम से देशभर से आने वाले ब्लॉगर, कंटेंट क्रिएटर, डिजिटल मीडिया प्रतिनिधि और स्वतंत्र पत्रकार संतों, महात्माओं एवं विशिष्ट अतिथियों से सीधे संवाद कर सकेंगे।
राजिम कुम्भ कल्प में पहली बार पॉडकास्ट के लिए एक समर्पित मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जहां धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों पर गहन चर्चा की जा सकेगी। यह मंच न केवल संवाद का माध्यम बनेगा, बल्कि सनातन परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ने का भी सशक्त प्रयास होगा।
डिजिटल युग में सनातन परंपरा की नई अभिव्यक्ति
आज के डिजिटल युग में पॉडकास्ट एक प्रभावशाली माध्यम के रूप में उभरकर सामने आया है। ‘आस्था का पॉडकास्ट’ इसी माध्यम का उपयोग करते हुए राजिम कुम्भ कल्प की आध्यात्मिक ऊर्जा, संतों के विचार और धार्मिक विमर्श को देश-विदेश तक पहुंचाने का कार्य करेगा। यह पहल उन श्रद्धालुओं के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी, जो प्रत्यक्ष रूप से राजिम नहीं पहुंच पाते, लेकिन डिजिटल माध्यम से कुम्भ कल्प की अनुभूति प्राप्त करना चाहते हैं।
पॉडकास्ट स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया
‘आस्था का पॉडकास्ट’ में भाग लेने के लिए इच्छुक ब्लॉगरों एवं कंटेंट क्रिएटर्स को राजिम कुम्भ की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध पॉडकास्ट लिंक पर जाकर पंजीयन करना होगा।
वेबसाइट लिंक: https://rajimkumbh.in/podcast/
रजिस्ट्रेशन सेक्शन में जाकर निर्धारित फॉर्म को पूर्ण रूप से भरना अनिवार्य है। फॉर्म में निम्न जानकारी दर्ज करनी होगी—
- नाम
- मोबाइल नंबर
- ईमेल आईडी
- पूर्ण पता
पंजीयन पूर्ण होने के बाद स्लॉट की पुष्टि आयोजकों द्वारा की जाएगी।
नियम एवं शर्तें
आस्था का पॉडकास्ट मंच सुव्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संचालित हो, इसके लिए कुछ आवश्यक नियम एवं शर्तें निर्धारित की गई हैं। प्रत्येक ब्लॉगर को पॉडकास्ट के लिए अधिकतम एक घंटे का समय प्रदान किया जाएगा। स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी।
पॉडकास्ट के प्रचार-प्रसार हेतु पोस्टर या अन्य प्रचार सामग्री की व्यवस्था संबंधित ब्लॉगर को स्वयं करनी होगी। माइक, रिकॉर्डिंग डिवाइस एवं अन्य तकनीकी उपकरण भी ब्लॉगर को अपने साथ लाने होंगे। हालांकि, आयोजकों द्वारा पॉडकास्ट मंच की मूलभूत संरचनात्मक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
संतों और विशिष्ट अतिथियों से सीधा संवाद
पॉडकास्ट के दौरान ब्लॉगर संतों, धर्माचार्यों और विशिष्ट अतिथियों के साथ धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विषयों पर संवाद कर सकेंगे। यह संवाद न केवल प्रश्नोत्तर तक सीमित रहेगा, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान और अनुभव साझा करने का एक सशक्त मंच बनेगा।
परंपरा और आधुनिकता का समन्वय
राजिम कुम्भ कल्प 2026 का ‘आस्था का पॉडकास्ट’ मंच इस बात का उदाहरण है कि कैसे परंपरा और आधुनिक तकनीक का समन्वय कर सनातन संस्कृति को नई पहचान दी जा सकती है। यह पहल युवाओं को धर्म, संस्कृति और अध्यात्म से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आस्था का पॉडकास्ट राजिम कुम्भ कल्प 2026 की एक अभिनव और दूरदर्शी पहल है। यह मंच आस्था की आवाज को डिजिटल माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने का कार्य करेगा। संवाद, विचार और संस्कृति का यह संगम राजिम कुम्भ कल्प को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और बौद्धिक विमर्श का राष्ट्रीय मंच बनाएगा।