सामान्य प्रश्न

क्या है राजिम कुंभ और क्यों है यह विशेष?

राजिम कुंभ भारतीय मानस के गहरे अर्थों को रेखांकित करता है। राजिम के त्रिवेणी संगम पर अनादि काल से माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक मेला लगता आ रहा है। माना जाता है कि यहां स्थित राजीव लोचन और कुलेश्वर महादेव के रूप में साक्षात् भगवान विष्णु और शिवजी विराजते हैं। आस्था के इस वार्षिक पर्व को देशभर में पांचवें कुंभ के रूप में ख्याति प्राप्त है।

राजिम के प्राचीन मेले ने कब लिया 'कुंभ' का आकार?

वर्ष 2006

वर्ष 2017 में कौन सी तारीख पर आयोजित होगा राजिम महाकुंभ?

10 फरवरी से 24 फरवरी तक

कहां स्थित है राजिम?

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 45 किलोमीटर दूर गरियाबंद जिले में स्थित है छत्तीसगढ़ का प्रयाग'राजिम'।

कहां ठहरें?

शासन ने यहां पर्यटकों और भक्तों के रहने के लिए मुफ्त इंतजाम किए हैं।

खान-पान की क्या व्यवस्था है?

Tशासन द्वारा लोगों के लिए खान-पान की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मेले के दौरान यहां पर विभिन्न स्टॉल लगाए जाते हैं जहां पर्यटक अपनी रूचि अनुसार खान-पान की सामग्री खरीद सकते हैं।

राजिम से सबसे निकटतम हवाई अड्डा कौन सा है?

स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय विमानतल रायपुर

राजिम कुंभ में सुरक्षा के क्या-क्या इंतजाम हैं?

राजिम कुंभ में सुरक्षा के विशेष प्रावधान किए गए हैं। मेले में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाती है। इसके अलावा कुंभ में सुरक्षाबलों की भी तैनाती की जाती है।

कैसा है राजिम का मौसम?

राजिम के दिन गर्म और रातें सर्द हैं। कुंभ के दौरान यहां बारिश की संभावना तकरीबन न के बराबर होती है।

क्या कुंभ में बच्चों को ले जाना सुरक्षित है?

राजिम बेहद सुरक्षित स्थान है जहां आप सपरिवार जा सकते हैं। बहरहाल अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों का ख्याल स्वयं रखें।

क्या वहां फोटो खींचने पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध है?

बिल्कुल नहीं।

स्वास्थ्य सुविधा की क्या व्यवस्था है?

राजिम में इसकी यथोचित व्यवस्था की गई है।

आवश्यकता पड़ने पर क्या वहां जरूरत का सामान ख़रीदा जा सकता है?

मेला स्थल में कोई भी दुकान उपलब्ध न होने के कारण आप यहां अपनी जरुरत का सारा सामान जरूर लेकर आएं।

दिशा निर्देश

क्या करें?

  • स्वच्छता का रखें ध्यान।
  • शासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित घाट पर ही करें पुण्य स्नान।
  • किसी भी लावारिस वस्तु की जानकारी मिलते ही तुरंत सुरक्षाबलों या पुलिस को जानकारी दें।
  • सुरक्षाबलों और पुलिस के साथ सहयोग करें।
  • कुंभ के धार्मिक महत्ता को देखते हुए गरिमामय कपड़े ही पहनें।

क्या न करें?

  • नदी में दूर तक न जाएं।
  • कहीं भी गंदगी न फैलाएं।
  • नदी के तट पर कपड़े न धोएं।
  • पूजन सामग्री को पानी में न फेकें।
  • भिक्षावृत्ति को बढ़ावा न दें।